हर व्यक्ति को डायरी क्यों लिखनी चाहिए ।

                             पार्ट -2

जैसा कि मैंने पिछले ब्लॉग में डायरी की कुछ विशेषताओं का जिक्र किया था और कहा था कि इस पार्ट में मैं आपको डायरी लिखने की शुरुआत और डायरी लिखने के फायदे बताउंगी तो आइये शुरू करते हैं।

डायरी लिखने की शुरुआत कैसे करें –                               

          

सबसे पहले तो बस आपको लिखने की शुरुआत करनी चाहिए छोटे -छोटे फैक्ट , छोटे -मोटे काम , कुछ जरूरी बातें इत्यादि। जरुरी नहीं कि आप डायरी पर ही शुरुआत करें लिखने की ,आप कुछ सादे पन्ने , कोई स्टिकर्स, किसी नोटपेड आदि पर भी लिख सकते है ।

आप डायरी में वो ही बातें लिखें जिनमें सच्चाई हो , जो आपके साथ हुआ हो हूबहू लिखें ना ज्यादा कुछ लिखें ना कम । क्योंकि डायरी आपके लिए आईने का काम करेगी अगर आप उससे भी झूठ बोलेंगे तो फिर आखिर किससे सच बोल पाएंगे? कोशिश करें कि डायरी में अधिकतर पॉजिटिव बातें ही हो ताकि जब आप उदास हो और अपनी डायरी खोले तो आपके चेहरे पर मुस्कान खिल जाए। आपके साथ दिन में कुछ अच्छा हुआ होगा और कुछ बुरा भी ,अच्छी बातें बढ़िया रंगों के पेन से ऊपर लिखें और बुरे अनुभव को नीचे हलके पेन में लिखें।                          

कोशिश करें की राइटिंग अच्छी हो , लेकिन राइटिंग अच्छी ना भी हो तब भी आप लिखें क्योकि यादों की कोई राइटिंग नहीं होती। आज के वक़्त में फोन डायरी भी कुछ लोग लिखते है लेकिन जो मज़ा हाथो की लिखावट में है वो टाइपिंग में कहाँ।   

             

आपको क्या पसंद है क्या नहीं, कौन सी मूवी कौन सा हीरो/हीरोइन , कौन सा खाना कौन सा मौसम आदि बातों को खास तरीके से लिखें । अपने टारगेट्स , अपने प्रोफेशन अपनी हॉबी को भी बेहतर तरीके से पेश करें। और सबसे अहम बात तो ये की डायरी को महज एक डायरी ना समझे बल्कि अपना दोस्त , अपना हमदम अपना डॉक्टर समझ कर लिखें।

आप वर्तमान समय में किस बात को लेकर दुःखी हैं या खुश है?आप को इस हफ्ते या महीने सबसे ज्यादा क्या अच्छा लगा ? आप इस साल किस जगह घूमना चाहते है? आपको अपनी जिन्दगी किस लिए सबसे ज्यादा अच्छी लगती है या नहीं लगती है? वर्तमान समय में अगर आपको कुछ बड़ा काम करने की इजाजत मिलती है तो क्या करेंगे? आदि कुछ बड़े सवाल भी आप अपनी डायरी में सम्मिलित करें । 

 डायरी लिखने के कुछ फायदे –                                                 

 

‌ 👉डायरी लेखन से व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता हैं।

‌👉व्यक्ति में दूसरों को समझने की कला विकसित होती हैं।

‌👉व्यक्ति में रचनात्मकता और रूचि बढ़ती है।

‌👉याद्दाश्त बेहतर होती है।

‌👉डायरी व्यक्ति का संक्षिप्त इतिहास होती है।

‌👉डायरी लेखन व्यक्ति को अवसाद और तनाव से दूर रखने में मदद करता है। 

वैसे तो डायरी लेखन के और भी बहुत सारे फायदे है लेकिन मुख्य व्यक्तित्व का विकास करना ही है । 

तो आप कब से इस विधा में हाथ आजमायेंगे , अगर पहले से ही लिखते है तो अच्छी बात है नहीं लिखते हैं तो अभी भी कोई देर नहीं हुई है , डायरी लिखने की कोई उम्र नहीं निर्धारित है डायरी तो कोई 7 साल का बच्चा भी लिख सकता है और 70 साल का बुजुर्ग भी क्यूँकि डायरी आसानी से सबकी दोस्त बन जाती है।

Note- मैने यहाँ व्यक्तिगत डायरी पर ही चर्चा की है पर आप business diary  भी इसी तरह शुरुआत करके लिख सकते है। 

Kindly read first part of this blog.

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