“दिल जो हैं आग लगा दूँ”- जॉन एलिया की दर्द भरी गजल।

 दिल जो है आग लगा दूँ उस को  और फिर ख़ुद ही हवा दूँ उस को  जो भी है उस को गँवा बैठा है  मैं भला कैसे गँवा दूँ उस को  तुझ गुमां पर जो इमारत की थी  सोचता हूँ कि मैं ढा दूं इस को  जिस्म में आग लगा दूं उस के और फिर … Read more

“महाशून्य” एक स्त्री के जीवन की दुःखद कथा।

 मिसेज सक्सेना के भव्य ड्राइंगरूम में प्रवेश करते ही लगा जैसे हम कश्मीर में आ गए हों। बाहर इतनी चिलचिलाती धूप थी कि गाड़ी एकदम भट्ठी की तरह तप रही थी। जब तक एसी अपना काम करता हम लोग पहुंच ही चुके थे। अपने गद्देदार सोफे में धंसकर मिसेज सक्सेना ने आवाज दी, “पारवती पानी … Read more

जया ‘नरगिस’ की गजल “बहरा पानी।”

 किसी की आँखों में सागर से भी गहरा पानी है  अब्र बनके जो दिल पर मेरे ठहरा पानी  बिना बुलाए ही आता है सूरते-सैलाब  पुकारे प्यास तो बन जाता है बहरा पानी  सुलगती धूप का तय तो सफर किया लेकिन  जहाँ उमीद थी निकला वहीं सहरा पानी  हवा के तेज़ थपेड़ों ने नाव जब उलटी  … Read more

जॉन एलिया की शायरी “दिल जो दीवाना नहीं।”

 दिल जो दीवाना नहीं आख़िर को दीवाना भी था  भूलने पर उस को जब आया तो पहचाना भी था  जानिया किस शौक़ में रिश्ते बिछड़ कर रह गये  काम तो कोई नहीं था पर हमें जाना भी था  अजनबी-सा एक मौसम एक बेमौसम-सी शाम  जब उसे आना नहीं था जब उसे आना भी था  जानिये … Read more

‘वापसी’ रिश्तों के अजनबीपन की कहानी।

 ‘वापसी’ उषा प्रियमवदा की, रिश्तों की असली हकीकत उधेड के रख देने वाली कहानी है। एक ऐसी कहानी जो आज के समाज में लगभग हर बुजुर्ग के साथ घटित होती है। रेलवे से रिटायर्ड हुए गजाधर बाबू इस उम्मीद से घर जाते हैं कि अब बाकी की जिन्दगी आराम से अपने घर में बीवी-बच्चों के … Read more

“मुझे तुमसे मुहब्बत थी ” -निदा फाज़ली।

 एक ख़त  तुम आईने की आराइश में जब खोई हुई सी थीं   खुली आँखों की गहरी नींद में सोई हुई सी थीं  तुम्हें जब अपनी चाहत थी  मुझे तुमसे मुहब्बत थी । तुम्हारे नाम की ख़ुशबू से जब मौसम सँवरते थे  फ़रिश्ते जब तुम्हारे रात दिन लेकर उतरते थे  तुम्हें पाने की हसरत थी  मुझे … Read more

“दारोगाजी”- मुंशी प्रेमचंद की कहानी ।

 कल शाम को एक जरूरत से तांगे पर बैठा हुआ जा रहा था कि रास्ते में एक और महाशय तांगे पर आ बैठे। तांगेवाला उन्हें बैठाना न चाहता था, पर इनकार भी न कर सकता था। पुलिस के आदमी से झगड़ा कौन मोल ले। यह साहब किसी थाने के दारोगा थे। एक मुकदमे की पैरवी … Read more

Psycho lover : Hindi love story last part .

 घर के आँगन में ओजू जैसे ही पहुंची तो सबसे पहले ही उसकी नजर देवू पर ही पड़ी, जो बैठ कर चाय पी रहा था । ओजू की जान में जान आयी वो आगे बड़ी की उसे सीने से लगा ले लेकिन पास पहुँच कर ठिठक गयी। उसने देखा कि टेबल पर दो नहीं तीन … Read more

Psycho lover : Hindi love story part-12

 ओजू किसी तरह से उस पते पर पहुंची जहाँ आदित्य ने बुलाया था। बाहर से देखने पर गैराज बिल्कुल वीरान लग रहा था । पता नहीं कब से बंद पड़ा है ? यहाँ किसी को मार के डाल दे तो भी किसी को पता नहीं चलेगा । आसपास बड़ी चौकन्नी निगाह से देखते हुए और … Read more

Psycho lover : Hindi love story part-11

 तुमने मुझे इतनी सुबह-सुबह क्यों बुलाया ? तुम्हारी तबियत तो ठीक हैं न? कितनी बेचैन लग रही हो तुम ! लक्ष्य ने उसे संभाल के बिठाया और पानी पिलाया। लेकिन ओजू की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ वैसी ही गुमसुम रही।  ओजू बताओगी कुछ क्या हुआ? किसी ने कुछ कहा ? आदित्य से….! जैसे … Read more