Psycho lover : Hindi love story

 ओजू आज बहुत एक्साइटेड थी। सुबह से तरह-तरह के ड्रेसेस डिफरेंट टाइप्स के मेकअप ट्राई कर चुकी थी । सूरत संवाली थी मगर जैसे ही माथे पर बिंदी लगाई उसका पूरा रंग रूप ही आया था। अपने बालों को थोड़ा छोटा करवा लिया था उसने लेकिन उसे ये लुक भी काफी अच्छा लग रहा था अपना क्योंकि ये लुक लक्ष्य को काफी पसंद हैं । उसे लड़कियों के कंधे पर झूलते हुए ही बाल अच्छे लगते है ना उससे कम ना उससे ज्यादा । इसीलिए ओजू ने अपने लम्बे बालों को थोड़ा छोटा सेट किया था । जल्द से जल्द वो 10 बजने का वेट कर रही थी। आज लक्ष्य के साथ उसका पहला वेलेंटाइन था और ये सारा हफ्ता वो सिर्फ और सिर्फ लक्ष्य के साथ इंजॉय करना चाहती थी । ऐसा नही हैं की उज्जवला और लक्ष्य न्यू न्यू कपल्स हो, दोनों दो साल से भी ज्यादा वक्त से साथ है जब उज्जवला अपने मास्टर्स के फाइनल ईयर में थी तब कॉलेज में इंटर्नशिप के लिए आये लक्ष्य से उसकी मुलाक़ात हुई थी, तब से दोनों साथ ही थें एक अच्छे दोस्त की तरह। हालाँकि लक्ष्य के दिल में शुरु से ही कुछ था ओजू के लिए, इसका इजहार उसने पिछले वेलेंटाइन में किया भी था । लेकिन तब तक लक्ष्य ओजू को सिर्फ दोस्त समझती थी और फिर उसका रिश्ता आदित्य से फिक्स ही था जिसे वो बचपन से जानती थी इसीलिए उसने लक्ष्य को प्यार से समझाते हुए मना कर दिया था। उसे ऐसा ना लगे कि ओजू ने उसकी फीलिंग्स का मजाक बनाया है इसीलिए उसने कहा था कि वो जो भी रिश्ता चाहती है जिंदगी भर के लिए चाहती है उसे आज प्रपोज कल ब्रेकअप वाला सिस्टम समझ नहीं आता। भले ही जमाना कितना ही मॉर्डर्न हो गया हो वो आज भी अपने पापा के पसंद के लड़के से शादी करना चाहती है और उसके पापा आदित्य को पहले ही चुन चुके है उसके लिए। चलो वो इन सब बातों को झुठला कर अपने पापा से बात कर भी ले तो उसके लिए कास्ट एक होनी चाहिए लेकिन उन दोनों की कास्ट में जनरल-एससी का ही फर्क नहीं हैं बल्कि 2 राज्यों का भी फर्क है । लक्ष्य कहाँ मुंबई का रहने वाला है और उज्ज्वला यूपी के मथुरा की लड़की। इस तरह के बहाने बना के उसने लक्ष्य को मना कर दिया था पिछली बार क्योंकि तब तक वो खुद लक्ष्य को एक दोस्त से ज्यादा मानने को तैयार नहीं थी। भले ही लक्ष्य देखने में ही मर मिट जाने वाला लुक रखता था ,भले ही CA की जॉब से अच्छा खासा पैसा बना लिया था उसने लेकिन ओजू के दिल में तब तक आदित्य ही बसा था । अगर आदित्य डॉक्टर की डिग्री के लिए अमेरिका ना गया होता तो उन दोनो की शादी हो चुकी होती अबतक। या उसके जाने वाले महीने में कोई शुभ मुहूर्त निकला होता तो दोनों की सगाई ही हो गयी होती। फिर भी जाते-जाते ओजू के कानों के पास आदित्य बोल कर गया था कि जल्द ही वो ओजू को मिसेस डॉक्टर बनाने के लिए वापस आएगा और एक अंगूठी भी रख दी थी उसकी मुट्ठी में ये कहकर कि पहना नहीं सकता तो क्या इस बात की निशानी तो दे ही सकता हूँ की तुम सिर्फ मेरी हो और मै सिर्फ तुम्हारा । वो अंगूठी पता नहीं ओजू ने कहाँ रख दी थी 6 महीने से तो उसकी सुध भी नहीं हैं उसे।

लव स्टोरी 

पता नहीं कहाँ रख दी…. अभी यही रखी थी। ओजू बिस्तर इधर उधर पलट रही थी एक हाथ से और दूसरे हाथ से रिबन ढूंढ रही थी । तभी दरवाजे की घंटी बज उठी ।

oh shit ! लक्ष्य आ भी गया और मै अभी रेडी भी नहीं हो पायी। वो एक ड्रार से दूसरे ड्रार और चादर बिस्तर सब इधर-उधर उधर फेंकने लगी। दो-तीन बार फिर से नॉक होने पर वो बालों को क्लिप के सहारे टिकाये यूँ ही दरवाजा खोलने चली गयी। इतनी देर लग गयी दरवा… ओह माय गॉड! इज दिस यू? लक्ष्य ओजू को देखते ही बिल्कुल फ़िदा सा हो गया उस पर ।’ मुझे लगा था कि तुम शादी होकर खूबसूरत लगती हो लेकिन आज जाना कि तुम खूबसूरत होकर भी बहुत खूबसूरत लगती हो।’ इस तरफ की तारीफ के बाद ओजू को खुश हो जाना चाहिए था लेकिन वो वैसे ही मुँह बनाये खड़ी रही ।

क्या हुआ ? उसके चेहरे पर गौर करते हुए लक्ष्य बोला । लाल वाली रिबन नहीं मिल रही है। 

अच्छा तो मैचिंग के लिए परेशान हो रेड आउटफिट पर रेड रिबन बड़ा शानदार है भाई। लेकिन अगर लाल वाली नहीं मिल रही तो कोई दूसरी कलर की भी गजब लगेगी । 

दूसरी कोई नहीं है सब ख़त्म हो गयी थी, सोचा था मार्केट जाउंगी तो ले आउंगी लेकिन फुर्सत ही नहीं मिली । अब बाल कसने के लिए कुछ नही है मेरे पास। 

तो किसने कहा कसो,इन्हे आजाद रहने दो ना। लक्ष्य ने ओजू के बालों से क्लिप्स भी खींच ली ।

ये क्या किया बड़ी मुश्किल से ये हेयरस्टाइल बनाई थी मैंने । मेरा यकीन करो खुले बालों से ज्यादा तुम पर कोई और…एक मिनट उसने कुछ गौर करते हुए कहा ।’ तुमने अपने बाल छोटे करवाएं है ना ? 

हाँ थोड़े से , मैंने सोचा कि देखूँ नए लुक में तुम्हें कैसी लगती हूँ? आंटी जी कहाँ हैं? लक्ष्य ने इधर उधर देखते हुए पूछा । उन्हें मामा के घर छोड़ आयी थी कल ही। और मिस्टर दिवाकर किधर है ?  

आज स्कूल की छुट्टी है ना तभी मैच खेलने गया है। बिल्कुल कयामत लग रही हो तुम, लक्ष्य ने एकदम से ओजू को अपनी तरफ खींच लिया ।

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अच्छा जी इसी हरकत के लिए इतनी पूछताछ हो रही थी। वो थोड़ी देर तो उसकी बाँहो में कसमसाई फिर एकदम से उससे दूर खड़ी होती हुई बोली।

नहीं ऐसा नहीं हैं आज तुम मुझे बहुत सही लग रही हो। लेकिन मुझे तो तुम्हारी नियत बहुत गलत लग रही है । ओजू मुस्कुराते हुए बोली ।

अब तुम्हें जैसा जो लगे उसमें मै क्या कर लूंगा भला, ईमानदार आदमी हूँ दिल साफ है मेरा अब इससे ज्यादा क्या ही कहूँ। तुम कुछ मत कहो बस चुप करके 5 मिनट यहाँ खड़े रहो मै तैयार होकर अभी आयी । 

लक्ष्य एक कुर्सी खींच कर बैठ गया और अपने बालों को जल्दी-जल्दी सुलझाती हुई उज्जवला को देखने लगा । TV के पास रखा फोन बड़ी तेजी से बजने लगा । उसने ओजू को आवाज लगाई ।

तुम्हीं देख लो किसका है किसी ट्यूशन वाले बच्चे का होगा मना कर देना। वैसे तो मैने कल ही सबको मना कर दिया था लेकिन शायद कोई भूल गया हो । लक्ष्य ने उठकर फोन देखा तो वो किसी स्टूडेंट का नहीं आदित्य का था । 

आदित्य का फोन है लेकर आऊं ? 

नहीं उसे फिर ख़त्म हो जाने दो ।

एक बार बात तो कर लेती किसलिए फोन कर रहें हैं? तुम्हें अक्ल नहीं हैं कि इन दिनों वो फोन क्यों कर रहा हैं । ओके मत बात करो। उसके मैसेज का तो जवाब दे देती 5 अनरीड मिसेजेज पड़े हैं यार। मैं उन्हें रीड करने जा रहा हूँ । मत करो वरना रिप्लाई देना पड़ेगा । 

दोस्त है तुम्हारा यार रिप्लाई तो देना ही चाहिए । तुम्हे रोज डे विश किया हैं और बोला है कि एक बुके भी भिजवाया हैं ले लेना , तुम्हारी बहुत याद आ रही है जल्द ही मिलूंगा तो डेट पर चलेंगे । बस इतने ही मैसेज हैं ।

तो होने दो। ओजू ने इसके हाथ से अपना फोन ले लिया । बुके भेजा था क्या सच में?  

हाँ सुबह दरवाजा खोला था तभी रखा मिला था एक लेटर भी था मैंने सोचा तुमने भेजा होगा लेकिन जब खोला तो…। इट्स ओके । तुम कम से कम उसे थैंक्स बोल दो अब खुश हो जाएंगे वो भी।

क्या बात है तुम परेशान रहने लगे हो क्या मुझसे ? तुम पर बहुत ज्यादा ट्रस्ट करने लगा हूँ जानता हूँ दुनिया में कोई भी तुम्हे मुझसे जीत कर नहीं ले जा सकता । कबसे लक्ष्य….तुम मुझ पर इतना कब मर मिटे? ओजू उसकी आँखों में आँखें डालकर सवाल कर बैठी । तब का मै नहीं बता सकता लेकिन आज अगर ऐसे ही मुझे देखती रही तो तुम्हारे साथ कुछ भी होने की जिम्मेदार तुम खुद होगी । लक्ष्य के चेहरे पर शरारती मुस्कुराहट आ गयी । शट अप! ओजू के गाल बिल्कुल लाल हो गएँ और उसकी निगाहें गिरकर उसके शर्ट की कॉलर पर आ गयीं। अच्छा एक मिनट। वो बाहर की तरफ भागा , ओजू भी उसके पीछे चली। देखा तो लक्ष्य अपनी बाहों में लाल गुलाब के गुलदस्तों को भरे लिए आ रहा है जिसमें एक पीले गुलाब का भी गुलदस्ता था ।

ओह माय गॉड। उज्जवला बिल्कुल बच्चों की तरह उछल पड़ी। ये सब के सब मेरे लिए हैं ? 

नहीं कुछ पड़ोस की लड़कियों के लिए भी है। पागल तेरे घर आया हूँ तो तेरे ही लिए तो लाऊंगा न । हाँ वो तो ठीक कहा तुमने लेकिन इसमे सिर्फ एक ही पीले गुलाबों का गुलदस्ता क्यों? अगर 10 लाल फूलों के थें तो 10 ही पीले फूलों के भी होने चाहिए थे न ।  

यार ऐसे दो मेरी नियत पर शक मत कर। एक पीले गुलदस्ते से तु ये अंदाजा नहीं लगा सकती की मेरी दोस्ती कम हो गयी है मेरे प्यार से। दोनों आज भी बराबर हैं बस दुकान वाले के पास फूल बराबर नहीं थें सिर्फ ये एक ही पिला वाला गुलदस्ता था जो मैने ले लिया तेरे लिए । लेकिन आज के दिन भी तु ऐसा करेगी मुझे उम्मीद नहीं थी ।

सॉरी मुझे इस बात के लिए नहीं टोकना था ना ? ओजू ने तुरंत अपने कान पकड़ लिए ।

नहीं टोक तो तुम कभी भी सकती हो लेकिन वेलेंटाइन वीक में भी मुझे अपना दोस्त बन कर रहने को कहोगी ये उम्मीद नही थी। मुझे तुम्हारा प्यार और दोस्ती दोनों चाहिए इसीलिए दोस्त बनकर रहने को कहाँ कह रही हूँ मैं तो हाफ बॉयफ्रेंड बनकर रहने को कह रही हूँ ।

मतलब वैलेंटाइन में भी कोई छूट नहीं? जब तक शादी नहीं तब तक कोई छूट नहीं । इससे तो अच्छा मै वैरागी बन जाऊँ ।

क्या सच में । ओजू ने गंभीरता से कहा ।

चल पागल , तू मेरी दोस्त है ये क्या कम गर्व की बात है मेरे लिए।तू अगर चाहेगी और तेरा चेहरा मेरी आँखों के सामने रहने की यही शर्त होगी तो जिंदगी भर मै तुझे सिर्फ दोस्त बनाकर रखने को तैयार हूँ । लक्ष्य ने उसके चेहरे को अपने हाथों में भरकर अपने सीने से लगा लिया ।

लक्ष्य ने ड्राइविंग सीट के पास वाला दरवाजा खोला लेकिन ओजू पीछे वाली सीट पर बैठ गयी । आज तो मेरे साथ ही बैठ जाती न । मेन रोड पर पहुँच कर कार रोक लेना तब आगे बैठ जाउंगी अभी बैठूंगी तो सब पता नहीं क्या-क्या सोचे । कहीं मेरे स्टूडेंट्स ने मुझे देख लिया न तो बोलेंगे यही जरूरी काम था मैम को तभी। जो हुकुम मेरे सरकार । लक्ष्य ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और कार मोहल्ले की छोटी-छोटी गलियों से होते हुए शहर की बड़ी सड़क से मिलने चल दी।

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