नए साल को अब कुछ ही टाइम बचा है लोगों की घड़ी ने काउन्टडाउन करना शुरू कर दिया है,डायरियों ने अपने भीतर नए-नए वादें रखनें शुरू कर दिए हैं,पार्टी की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रहीं हैं। सभी नए साल के स्वागत में पलकें बिछाएं बैठें हैं। लेकिन इन सब के बीच हमें ये भी तो सोचना चाहिए कि 2022 ने हमें क्या दिया या हमसे क्या लिया,जिसकी भरपाई हम 2023 में तो क्या शायद पूरी जिन्दगी ना कर सकें…?
जैसा की वक्त बदलने के साथ हम में भी परिवर्तन होता रहता हैं और उस परिवर्तन में हम नई-नई चीजें सीखते हैं। पेड़ो से,जानवरों से,लोगों से इन्सान सभी से कुछ ना कुछ सीखता रहता हैं। जाहिर तौर पर 2022 ने भी हमें बहुत कुछ सिखाया,समझाया और दिखाया हैं। ख्वाब देखने की कोई उम्र कोई जगह नहीं होती और आपको उन ख्वाबों को पूरा करने से कोई नहीं रोक सकता ये बात हम पंजाब के छोटे से गाँव से निकली हरनाज संधू को देख कर सीख सकतें हैं। जिन्होंने 21 सालों बाद भारत के सर पर मिस यूनिवर्स का ताज सजाया और सबको दिखाया की सच्चे दिल से देखें ख्वाब जरूर पूरे होतें हैं ।
कभी किसी ने सोचा होगा कि बांग्लादेश जैसी टीम न्यूजीलैंड जैसी टीम को 8 विकेट से टेस्ट मैच हरा सकती है..? लेकिन इस साल ने हमें दिखा दिया कि अगर आप में एकता हैं तो सामने चाहे कोई कितना भी बड़ा क्यों ना हो जीत आपकी ही होगी। फरवरी में जब रूस-यूक्रेन वॉर शुरू हुआ था तो शायद किसी को ही उम्मीद होगी यूक्रेन 20 दिन से ज्यादा भी डिफेन्स कर पायेगा ! लेकिन यूक्रेन ने दिखा दिया कि अगर आपके पास एक हिम्मती, निडर और सही निर्णय लेने वाला लीडर हो भले ही संसाधनों की चाहे कितनी ही कमी क्यों ना हो आप किसी बहुत बुरी हालत में ना सिर्फ टिके रह सकते हैं बल्कि उस स्थिति से बाहर आने की संभावनाएं भी काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। साल 2022 ने हमें धोखेबाज दोस्तों से सावधान रहने की भी सीख दी।इसके उदाहरण के तौर पर हम श्रीलंका को ही देख सकते हैं।चीन से की दोस्ती ने उसे आर्थिक तंगी पर पहुँचा दिया। बिजली कटौती ,महंगाई और भूखमरी के शिकार श्रीलंका को जब चीन की जरुरत थी तब तक वो अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर वहाँ से निकल चुका था। हालत इतने ज्यादा बेकार हुए की गोटबाया राजपक्षे को इस्तीफा भी देना पड़ गया। 2022 में ही देश को पहली महिला सैन्य अफसरों का बैच मिला जिसमें कुल 19 अधिकारी हैं। ये महिलाएं एयरफोर्स, नेवी एवं आर्मी में जाएँगी। 1992 से चल रही इस बहस में आखिरकार इस साल सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के हक़ में फैसला सुनाया जो ये साबित करता हैं कि आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती,अगर आप लगातार मेहनत करतें रहतें हैं तो उसका फल जरूर मिलता हैं आपको।
“राजा हो या रंक सबका कब्र ही ठिकाना हैं।” ये कथन 2022 में बिलकुल चरितार्थ हो गया जब कभी 52 देशों पर शासन करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन हुआ। समय का चक्र बड़ा बलवान होता है ये जब घूमता हैं तो सारे हिसाब बराबर कर देता है। सबसे बड़ी सीख तो यही लेनी चाहिए हमें 2022 से। वो देश जिसने कभी “इंडियंस एंड डॉग्स को अंदर आने की अनुमति नहीं हैं” का बोर्ड लगाया था आज उसी देश की संसद में भारतीय मूल के हिन्दू पीएम ऋषि सुनक का राज हैं ।
कोरोना,युद्ध, महामारी,और झडप के बीच उठती लोगों की अर्थी से बेखबर दुनिया में 15 नवंबर को 8अरबवें बच्चे ने सांस ली।फिलीपिंस की राजधानी मनीला में पैदा हुआ यह बच्चा जिजीविषा की मिसाल है जो कि 2022 ने हमारे हाथों में थमाई और हमें ये बताया कि मृत्यु शाक्तिशाली हो सकती हैं लेकिन जिन्दगी से ज्यादा ताकतवर कोई नहीं हो सकता। एक और सबक जो 2022 हमारे लिए छोड़ जा रहा हैं वो ये हैं कि इस धरती पर आ चुकी चीज़ इस धरती पर ही रह जाती हैं उनके अस्तित्व को सिरे से मिटा पाने की कोशिश करना इंसान का व्यर्थ प्रयास हो सकता है बस। यहाँ की मिट्टी में बनी चीज़ यही की मिट्टी में समाती हैं। 2020 और 21 में कोरोना का भयंकर स्वरूप देखने के बाद जिन लोगों ने सोचा था की कोरोना 2022 में मिटने लगेगा उनकी गलतफहमी अब दूर हो चुकी होगी। नवंबर से कोरोना ने चीन में तांडव मचाना शुरू किया था और दिसम्बर लगते-लगते फिर से पूरी दुनिया में कोरोना के नए-नए केस सामने आने लगे हैं । ऐसे ही कई सारी सीखें देकर 2022 विदा होने जा रहा हैं साथ में कुछ ऐसे जख्म भी देकर जा रहा हैं जिसकी भरपाई अब शायद ही हो पाये।
लता मंगेशकर के जाने के बाद केके फिर राजू श्रीवास्तव बप्पी लहरी , राहुल बजाज ,सायरस मिस्त्री,मुलायम सिंह यादव ,हीराबेन एवं पेले जैसी शख्शियतों के जाने से जो रिक्तता आयी हैं उसे कभी भी पूर्ण नहीं किया जा सकता। हालांकि 2022 ने हमें कुछ खास तोहफें भी दिए हैं जिनका इंतजार हमें काफी सालों से था। वो चाहे देश में 70 साल बाद चीता के आगमन का गिफ्ट हो, महिलाओं को 24 सप्ताह तक का गर्भ गिराने की अनुमति हो या कि मैरिटल रेप पर क़ानून बनना हो ये सब ऐतिहासिक चीजें हमें 2022 से ही मिली है। अगर लेने-देने की इस बात के अलावा भी बात करें तो निजी तौर पर तो 2022 भी हर साल की तरह हमारे लिए 12 महीने या 365 दिन ही लेकर आया था लेकिन जिस तरह हर साल हमारी जिन्दगी में कुछ ना कुछ अलग घटित होता रहता है उसी तरह 2022 में भी सबके साथ कुछ ना कुछ अलग जरूर हुआ होगा। किसी के साथ इस साल में इतना अच्छा हुआ होगा कि उसे ये साल लाइफ का बेस्ट ईयर लग रहा होगा तो किसी के साथ 2022 में इतना बुरा हुआ होगा कि ये साल उसे जिन्दगी के सबसे खराब सालों में एक लग रहा होगा। किसी इंसान को इतना मिल गया होगा इस साल से कि वो 2022 के अहसान तले ही दबा जा रहा होगा तो कोई ऐसा भी होगा जिससे इस साल ने उसका सबकुछ छीन के उसे बर्बाद कर दिया है। किसी ने अपना loved onse पा लिया होगा तो किसी का दिल भी टूटा होगा इस साल।
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इन सब बातों के आधार पर हर कोई 2022 को रेटिंग दे सकता हैं कोई खराब रेटिंग देगा तो कोई अच्छी। लेकिन रेटिंग चाहे जो भी मिले हमें जो सबक मिले उसके लिए इस साल का शुक्रिया तो बनता है।
Thanks 2022.
Thanks for reading 🙏🙏




For its wonderful year 💓
Your point of view caught my eye and was very interesting. Thanks. I have a question for you.