इजहार कर भी दो ना यार!

 इश्क हो तो इजहार हो।                                                   ना हो तो क्योंकर तकरार हो।                                         पर जो दिल में हो कह तो दो                                          ताकि दिल को भी कुछ ऐतबार हो।           –Awa

वेलेंटाइन वीक चल रहा है , मतलब हवाओं में चारों तरफ बस इश्क़ ही इश्क़ छाया हुआ हैं पूरी दुनिया इस वक्त प्रेम से सराबोर हो रही हैं।ऐसे में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो सिर्फ आहें भर रहें हैं, इसीलिए नहीं कि उनकी जिन्दगी में कोई हैं नहीं बल्कि इसलिए कि कोई है तो मगर उससे कह नहीं पायें हैं। कोशिश तो बहुत की है उसे बताने की लेकिन हिम्मत ही नहीं हो पाती, जो सोच के रखते है उसके सामने जाते ही सब भूल जातें हैं, दिल मासूम बन जाता है और हरकतें बच्चों सी हो जातीं हैं। हो सकता है कुछ लोग मेरी इस बात से सहमत ना हो अरे नहीं ऐसा नहीं है तो मैं उन्हें बता दूँ कि हर बन्दे/ बन्दी का कोई ना कोई सीक्रेट क्रश जरूर होता है भले ही वो ना स्वीकार करें चाहे कितना भी कहे ये सब नहीं होता उसके साथ लेकिन होता तो है भई।

बस इजहारे मोहब्बत में आप थोड़े कच्चे रह जाते हैं जिससे आपका क्रश आपका प्यार बनते-बनते रह जाता है। इजहार ना कर पाने की वैसे तो बहुत वजह है जैसे- शर्मिला स्वभाव , झिझक , gynophobia …लेकिन जो सबसे महत्वपूर्ण है वो है इंकार का डर। अधिकतर लोग अपने दिल की बातें इस वजह से कभी नहीं कह पाते की अगर उसने मना कर दिया तो ? मतलब सवाल भी खुद ही खड़ा करतें हैं और जवाब भी खुद ही दे लेते है ( कमाल के तेजस्वी लोग होतें हैं ये) ये ज़रा भी ख्याल नहीं लाते कि हाँ भी तो हो सकती हैं या हो सकता है वो पहले आपके बोलने का इंतेज़ार कर रहा/रही हो ?

मुझे नहीं लगता कि अपने दिल की एक नाजुक सी बात कहने के लिए आप अपना मजबूत सा इरादा बनाए , अरे प्रपोज करने जा रहें हैं कोई बम से उसको उड़ाने थोड़े जा रहे है यार। तो क्यूँ किसी बात का डर माना वो मना कर देगी/देगा ।

 इजहार ही कर रहा हूँ कोई तुझे तबाह कर रहा हूँ क्या।       दिल देना कहा से मना है किसी को।                              नहीं है ना तो क्यों मान जाऊं कोई गुनाह कर रहा हूँ क्या?                                      – Awa                  

तब भी आप इस गिल्ट में तो नहीं रहेंगे कि काश मैंने कह दिया होता! और हो सकता है कि अगर हाँ हो गई तो , तब तो आपकी पूरी लाइफ ही सेट है बॉस।वैसे मैं नहीं मानती की इजहारे मोहब्बत के लिए कोई विशेष उत्सव या तैयारी की जरुरत होती है दिल में अगर सच्ची मोहब्बत है तो हर पल प्यार जताने के लिए परफेक्ट होता है ।

और इसके लिए कोई विशेष तैयारी की भी कोई जरुरत नहीं होती हालांकि सभी इस पल के लिए कुछ खास उम्मीद रखते हैं स्पेशली लडकियां , लेकिन कभी -कभी ये सब नहीं होता और प्रपोज करने का विचार अचानक से आ जाता हैं ऐसे में लेट क्यूँ करना।

तो बेवजह का डर छोड़ दीजिये और दिल की बात करिये जाकर हो सकता जिसपर आपका क्रश है उसको भी आप पर क्रश हो!और वो इंतजार कर रहा/रही हो आपके कहने का।

अगर आप इस डर से कुछ नहीं कह रहे कि वो गुस्सा हो जाएगा/जाएगी या कभी बात नहीं करेगा/करेगी तो मैं कहूँगी की अगर उन्हें आपकी भावनाओं की कदर होगी और आपको समझते होंगे तो भले ही हाँ ना कहें लेकिन बोलना बंद नहीं करेंगे ना आपका मजाक उड़ाएंगे ना गुस्सा होंगे लेकिन अगर वो ऐसा करता /करती है तो मतलब साफ है कि वो आपके मोहब्बत के लायक नहीं , क्योकि जो आपकी भावनाओं की इज्ज़त नहीं करता वो आपके रिश्तों की , आपकी उपेक्षाओं की खुद आपकी इज्ज़त कैसे करेगा यार?

ऐसे इंसान को जिन्दगी में लाने से अच्छा आप कोई pet ले आए वो ना सिर्फ बिन बोले आपकी भावनांए समझेगा बल्कि आपको Unconditional love भी करेगा ।

और एक बात ऐसे लोगों को आप नहीं खोते बल्कि ऐसे लोग आपको खोते है ये आपसे दूर नहीं जाते बल्कि आप इनके अहंकार, स्वार्थ आदि से दूर होतें हैं। हमेशा याद रखिए आप दुनिया में अपने जैसे एकलौते हैं आपके जैसा कोई नहीं और आपको कोई दुःखी कर सके , आपका दिल दुःखा सके जब तक आप ना चाहे ऐसा भी कोई नहीं ।

तो बिना डर बिना शर्म के आप अपनी बात कह दीजिये इस वेलेंटाइन डे पर कम से कम दिल से कुछ बोझ तो कम हो और हाँ हो कि ना कमसे कम आपको समय रहते पता तो चल जायेगा सब और आप सही निर्णय भी सही समय पर ले सकेंगे। और याद रखिये दिल की बात अगर किसी दिलवाले से कर रहें हैं तो हाँ ही होगी।

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