क्या सच में लगती है नज़र? क्या विज्ञान भी इसे सच मानता हैं?

 अगर आपके घर में छोटे बच्चें हैं तो आपने जरूर देखा होगा कि घर के बुजुर्ग उनको बाहर ले जाने से पहले काला टीका लगवाते हैं या गले में ताबीज डलवा देतें हैं, तैयार होती दुल्हन के कान के पीछे माँ या मासी काजल का टीका लगा देतीं हैं, गाँव में आज भी गर्भवती स्त्री व नई प्रसूति के पास छोटा सा चाकू रखा जाता है। क्यों किया जाता हैं ये सब? वजह क्या है इसकी? इसके करने की बस एक ही वजह हैं “नज़र” से बचाना। नज़र….? क्या ये सच में कुछ हैं? या अन्धविश्वास?

    

   

       हम अगर Science की माने तो विज्ञान ऐसी किसी भी बात को खारिज करता हैं लेकिन कहीं ना कहीं यह भी मानता है कि व्यक्ति की आँखों से कुछ तरंगे निकलती रहती हैं जब कभी ये तरंगे ज्यादा मात्रा में निकलने लगती हैं तो इसका बुरा प्रभाव सामने वाले व्यक्ति पर पड़ता हैं जिसे हम लोग आम भाषा में नज़र लगना बोलते हैं। Psychology कहती है कि हर व्यक्ति के पास अपना एक औरा होता है जब उस औरे की सकारात्मक ऊष्मा से कोई नकारात्मक ऊष्मा टकराती है तो व्यक्ति के स्वास्थ्य पर , उसकी परफॉरमेन्स पर असर पड़ता हैं उसे आर्थिक घाटा भी हो सकता है या उसके आसपास अशुभ चीजें होना शुरू हो जाती हैं जो इस बात का संकेत हैं की आपको नज़र लग चुकी है। जब कभी घर में छोटा बच्चा बीमार होता हैं या ज्यादा रोने लगता है, अच्छा-खासा काम बिगड़ जाता हैं या घर का कोई सदस्य बार-बार बीमार होने लगता है तो हम समझ लेते हैं कि किसी की बुरी नज़र लग गई हैं क्योंकि इन्ही लक्षणों से नज़र लगने का पता चलता हैं।

आज के पढ़े-लिखे समाज में नज़र का कॉन्सेप्ट हजम करना काफी अजीब और असहज करने वाला है लेकिन यह आज भी उतना ही जीवान्त मुद्दा हैं जितना सदियों पहले हुआ करता था। 

नज़र लगने का कोई निश्चित समय या स्थान नहीं होता ना ही नज़र का अच्छे या बुरे लोगों से कोई ताल्लुक होता हैं , लेकिन यह है की अच्छे लोगों की अपेक्षा बुरे लोगों की नज़र जल्दी लगती है। नज़र सिर्फ लोगों को ही नहीं बल्कि, रिश्तों को, जानवरों को , घर, दुकान आदि को भी लगती है।                                                                             

कैसे उतारें नज़र?   

प्राचीन समय से ही नज़र उतरने के बहुत से तरीके चलें आ रहें हैं जिनमें से मैं कुछ बताने जा रही हूँ….

1- अगर घर के किसी छोटे सदस्य को नज़र लगी है और आप जानते हैं कि किसकी नज़र लगी होगी तो आप उस व्यक्ति के हाथ को बच्चे के सर पर फिरवा दें, नज़र उतर जाएगी।              2- अगर आपको नज़र लगी है तो उसके लिए राई, पीली सरसों, लाल मिर्च, काला नमक , लहसुन के छीलके को अपने सर से 7बार फिरा कर आग में जला दें।                                3- ताँबे के एक लोटे में जल लेकर ताजे फूल की सहायता से प्रभावित व्यक्ति के सर पर 11 बार पानी छिड़कने के बाद जल को किसी पौधे में डाल देने से नज़र उतर जाती है।                  4- अगर घर को नज़र लगी हैं या घर में काफी नकारात्मक माहौल रहता हैं तो शाम को लोबान का धुआं जला दिया कीजिये इससे सकारात्मकता बनी रहती हैं।                         5- घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह अथवा तुलसी का पौधा भी घर को बुरी नज़र से बचाता है।                                6- अगर आपके पालतू पेट को नज़र लग गई हैं और वो सही से खा नहीं रहा या खेल नहीं रहा तो आप उसके गले में एक काला धागा बाँध दें। आप एक चुटकी नमक लेकर पेट के सर से 7 बार घूमा कर बहते हुए पानी में बहा दें जिससे उसकी नज़र उतर सकती है।        

7- आपके व्यावसायिक स्थान या दुकान को नज़र लग गई हैं तो मुख्य द्वार पर मोर का चित्र लगा दीजिए अथवा दरवाजे पर नींबू मिर्च लटका दीजिये इससे नज़र नहीं लगती।      

                  8- अगर आपके रिश्तों में सकारात्मकता कम हो गई हैं किसी की नज़र लग गई हैं आपके रिश्तों में प्यार देखकर तो ऊपर बताए किसी भी नुस्खे को आजमा सकते हैं लेकिन सबसे ज्यादा असर आपस में बैठकर एक-दूसरे से एक दूसरे के प्रति मन में आ रहें बुरे खयालों को एक-दूसरे से साझा करने से होगा।

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