सफलता आनन्ददायक कष्ट है।

सफलता आनन्ददायक कष्ट है।

अमेरिका के भूतपूर्वराष्ट्रपति जाॅन.एफ. कैनेडी जी का एक प्रसिद्ध कथन  है कि – Victory has  a Thousand fathers, but defeat is an Orphan.   और  देखा जाऐ तो

तो यह कथन हक़ीक़त को पूर्णतया स्पर्श करता है।
जब आप जीतते हैं अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हैं तब आप से पहले न जाने कितने ही लोग ,यहाँ तक की पास – पड़ोस से लेकर दूर के वो बुआ – मामाजी भी जिनका आपने बस नाम ही मुश्किल से सुना होगा, वो भी आपको बधाईयां  देने लग जाते हैं। 
  इनमें तो कुछ ऐसे लोग भी होंगें जिनकी  दिली ख्वाहिश  ही यहीं होगी कि आप असफल रहें लेकिन जब आप सफल होते हैं तो यही लोग सबसे आगे आकर बोलते हैं ,   अरे मैं तो इसे देखते ही समझ गया था कि ये लड़का / लड़की जरूर‌ नाम कमाएगा  या कमाएगी  ।

 मौजूदा उदाहरण आप टोक्यो ओलंपिक में भारत का नाम ऊँचा करने  वाले नीरज चोपड़ा जी का  ही ले लीजिऐ ।
आज भारत में ऐसा ही कोई व्यक्ति होगा ,जिसने इस खिलाड़ी के बारे में न सुना हो !आज इस खिलाड़ी की हिन्दी से लेकर उसके बालो तक पर सुर्ख़िया बन रहीं हैं।
लेकिन  सोचिए मुश्किल से एक साल पहले का ही ,क्या अधिकतर भारतीय इतना भी  जानते होंगे कि नीरज चोपड़ा नाम का कोई खिलाड़ी  भी है ? शायद नहींं !
पर आज  हर जगह उनका शोर हैं ,हर जगह उनका नाम है । शायद इसी शोर के लिए बेंजामिन फ्रैंकलिन जीने कहा था
Applause waits on success.
इतनी कड़ी मेहनत के बाद किसीका भी हक बनता है अपनी सफलता का जोर शोर से ज़श्न  मनाने का, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है सफलता को सिर चढ़ने से रोकना।
क्योंकि सफलता मिलने से भी कहीं ज्यादा कठिन होता है , सफलता का घमंण्ड रोक पाना तभी आप सच्चे अर्थो ं में सफल होंगे ।
 पैंसो, तारीफो ं या प्रचार के प्रति उदासीन होते ही आप सफलता के शिखर पर पहुँच गए हैं – 
                                             थाॅमस   वोल्फ .
 सफलता न  केवल व्यक्ति ‌का समाज में स्थान बदल देती है बल्कि व्यक्ति को कुछ अन्य महत्वपुर्ण जिम्मेदारियाँ भी सौंप देती है।
सफल होने के बाद अगर आपका किसी आयोजन में ऐन मौके  जाने का मन न हो फ़िर  भी कभी कभी  जाना पड़ जाता है क्योंकि आप कोई श्रोता नहीं होतें बल्कि चीफ गेस्ट होते हैं।

एक सफल व्यक्ति की जिन्दगी में लोग उससे अधिक रुचि लेतें हैं । आप कहाॅं जा रहें हैं? आप क्या पहन रहें हैं? आप क्या कर रहे हैं? इन सब का हिसाब रखा जाने लगता है यहाँ तक की आप के सफल होने के बाद लोगों का दख़ल इतना बढ़ जाता है आपकी  रोजमर्रा की ज़िन्दगी में कि लोग ये तक जानना चाहते हैं कि  आपकीे चाय में दूध और शक़्कर का अनुपात कितना रहता है या आपके पार्टनर के साथ आपके रिलेशन कैसे हैं।
सबसे बड़ी बात तो ये कि एक बार सफल होने पर उससे उम्मीदें की जातीं हैं कि अब उस व्यक्ति को सफलता प्राप्त करते ही रहना है जो कहीं न कहीं मानसिक तनाव का  कारण भी बन सकती है।
सफलता के बारे में मैं इतना और कहना चाहूँगीं कि लोग आपकी सफलता गिनतें  हैं ,असफलता  भी गिनीं जाती है मगर आपके असफलताओं से सफलता तक पहुँचने का संघर्ष कोई भी नहीं  गिनता । उस पर से मजें इस बात के की आपकीे सफलताओं की गिनती उनलोगों द्वारा की जाती है जो स्वयं नाकामयाब हैं ।
Success is counted sweetest by those who never succeed  .     
                            –   Emily dickinson

इसी लिए  एक सफल व्यक्ति कभी भी लोगों की बनायी सोच पर अपनी रणनीति नहीं रखता हैं ।

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