आइए, धर्म-धर्म खेलते हैं!

 आप लोगों का पसंदीदा खेल कौन सा रहा है ? गुल्ली-डंडा, चोर-सिपाही , लुकाछिपी, फुटबॉल, क्रिकेट इन में से क्या खेलना ज्यादा पसंद करते हैं आप? मेरा मतलब मज़ा किसमें सबसे ज्यादा आता हैं? क्रिकेट में कि डॉक्टर-डॉक्टर में । अगर आपको इन खेलों में सबसे ज्यादा मज़ा आता हैं तो मैं कहूँगी कि आप निरा मूर्ख है, नादान है मासूम है, भला ये खेल भी कोई मज़ा देतें हैं! 

आइये मैं आपको दुनिया के सबसे प्राचीन और सबसे ज्यादा मज़ा देने वाले खेल के नियम समझाती हूँ जो आजकल देश में खूब ट्रेंड कर रहा है और इसमें समझने वाला केवल एक ही नियम है कि इसमें कोई नियम ही नहीं है। जी हाँ इसमें कोई नियम ही नहीं है आप स्वतंत्र है कुछ भी करने के लिए इस खेल में बेईमानी , चोरी , कत्ल, दंगा सब जायज है और सबसे मजेदार बात जानते है क्या है इसकी…! वो ये की आप भले क्रिकेट खेल कर , हॉकी खेल कर , चोर-सिपाही खेल कर कुछ ना कर सके, कुछ ना बन पाएं लेकिन ये खेल खेल कर आप जरूर बहुत कुछ बन सकते है इसमें career के ढेरो ऑप्शन्स हैं जैसे – आप कट्टरपंथी बन सकते है , धर्मगुरु बन सकते है और तो और आप नेता तक बन सकते हैं । बस इसमें एक चीज़ का खतरा बना रहता है कि आप ज़रा से बेफिक्र हुए इतने में ही कोई आपकी राह चलते गर्दन काट सकता है बिना आपका नाम पूछें कि आप गिरधर है, गोपाल है , मजहरुद्दीन है कि मदनलाल है। 


लेकिन फिर ये भी बात है कि इस खेल में जो एक बार हाथ आजमा लेता है उसके लिए जान बहुत छोटी चीज़ हो जाती है चाहे बात जान देने की हो या लेने की। इसमें गर्दन काटना हाथ-पैर काटना ये सब तो फिर ऐसे मालूम देतें है कि जैसे आप खाने के लिए सैलेड काट रहें हो। अब तो आप खेल का नाम भी समझ ही गए होंगे … अगर नहीं समझे तो बता देते है इस शाही खेल का नाम है धर्म । मामूली नहीं शाही है ये खेल समझे! सदियों पहले से ही ये खेला जा रहा है और इसे सबसे ज्यादा कुर्सी में जमे बैठे लोग ही खेलते है ज़मीन में बैठे लोगों से । जब उनका खेलने से जी भर जाता है तो ज़मीन में बैठे हम जैसे कट्टरी लोगों को इशारा कर देतें हैं इस बहाने ज़रा हम भी खेल लेतें हैं इसे।


अपने भारत में इस खेल की शुरुआत 7वीं शताब्दी से मानी जा सकती हैं लेकिन तब ये ज्यादा फेमस नहीं हुआ था , मुगलों के काल में इसको सरंक्षण प्राप्त हुआ , अंग्रेजों के समय को इसका goldan era कहा जा सकता है , उस वक्त भी ये खेल खूब खेला गया लेकिन बाद के समय इसकी लोकप्रियता थोड़ी कम होने लगी, इसकी ये दशा देख सरकार द्वारा सख्त कदम उठाया गया और अब ऐसा लग रहा है कि चोरी-छिपे ये खेल खेलो india के तहत ओलम्पिक्स में जाने की तैयारी कर रहा है। पता नहीं इस बात में कितनी सच्चाई हैं अब लेकिन मुझे मेरे सूत्रों से जो पता चला वो मैंने यहाँ आपके लिए लिख दिया ताकि अगर आप भी इस खेल में शामिल हो तो एक podium आपके नाम का भी हो।



वर्तमान में जैसी योजनाएं चल रही हैं इस खेल को लेकर उसमें कोई संशय नहीं बचता की कुछ ही सालों में ये देश में खेला जाने वाला सबसे ज्यादा लोकप्रिय खेल होगा, इसके बड़े-बड़े आयोजन भी होंगे जिसमें लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। इस खेल में आपको ज्यादा कुछ नहीं करना होगा बस आप जिस धर्म के है उसके विपरीत धर्म का आपको कोई प्रतिद्वंदी चुनना होगा अगर आप समूह में खेल रहें हैं तो दूसरा समूह विपरीत धर्म का हो,इसके बाद क्या करना है कुछ खास नहीं क्योंकि आप ज़रा सा भी दूसरे समूह को कुछ कह देंगे उसके बाद तो सब आप ही आप इस खेल में शुरू हो जाएगा। तो इस खेल में शामिल सभी लोगों की लम्बी आयु की कामना करती हुई मैं आपकी दोस्त अब शांत होकर ये खेल देखने जा रही हूँ।


Note – ये लेख सिर्फ मनोरंजन के लिए लिखा गया है आँखे खोलने के लिए नहीं , क्योंकि जिनका काम आँखे खोलना था वे थक कर मुँह बंद किये हुए धर्म का खेल देख रहें हैं और बीच-बीच में कमेंट्री भी कर रहें हैं।

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