थोड़ी-सी सच्चाई part-4

 अब तक आपने पढ़ा कि प्रणय को ये अहसास होता है की एक बार ही सही उसे क्रिस्टिन से बात तो करनी ही चाहिए। यही सोच कर वो उससे मिलने जाता है ,काफी खोजने के बात वो प्रणय से मिलने आती है । क्रिस्टीन की सारी हकीकत जान कर प्रणय उसकी मदद करने की सोचना है। जिस दौरान वो उससे बात कर रहा था उस समय काफी भीड़ उसे देख रही थी और उसका video बना रही थी। क्योंकि सभी को केवल अपने आप से बात करता हुआ प्रणय दिखाई दे रहा था क्रिस्टीन नहीं। अब आगे

👉 थोड़ी-सी सच्चाई पार्ट -1

👉 थोड़ी-सी सच्चाई पार्ट -2 

👉 थोड़ी-सी सच्चाई पार्ट -3

प्रणय घर पहुँचता ही है कि उसे दरवाजे पर खड़ी गौरी और महिमा(प्रणय की प्रेमिका) दिखाईं देतीं हैं।वो कुछ पूछता उन दोनों से इससे पहले महिमा उसके पास आकर कहती है ” डॉ की अपॉइंट ले ली है कल हम उनसे मिलने जाना है आण्टी जी से मैंने पूछ लिया है।”

पर मुझे अभी डॉक्टर की कोई जरुरत नहीं है माही , मैं बिलकुल अच्छा feel कर रहा हूँ। तुम बेवजह परेशान हो रही हो चलो अंदर चलो चाय पीते हैं चलकर।

तुम समझो मुझे प्रणय , तुम्हें डॉ की सख्त जरुरत है तुम्हारी बीमारी फिर से बढ़ने लगी है।

यार हुआ क्या है तुम्हें?अभी कल ही तुमसे बात कर रहा था तो तुम्हीं ने कहा था कि मैं लगभग ठीक हो गया हूँ और आज तुम्हीं कह रही हो और ज्यादा बीमार हो गया हूँ मैं। यार गौरी इसको कुछ समझाओ ।प्रणय ने गौरी की तरफ देखा।

मुझे नहीं गौरी तुम इसे समझाओ और इसे वो video भी दिखाओ जिसमें ये अपने पागलपन की हरकतें करतें दिख रहे हैं।महिमा ने गौरी की तरफ देखा। 

प्रणय मुझे लगता है तुम्हें माही की बात मान लेनी चाहिए क्योंकि शायद तुम इन दिनों अपनी नई imagination से बहुत परेशान हो ।

गौरी यार वो सच में मेरी imagination या hallucination नहीं है वो सच में मरी हुई….

अच्छा तो उसने तुम्हें अपना death certificate दिखाया होगा न ! महिमा ने उसकी बात बीच में ही काट दी।

प्रणय कुछ नहीं बोला बल्कि उन दोनों के बीच से निकलता हुआ अपने कमरे की तरफ मुड़ गया।

गौरी इसे समझाओ राजी करो की ये डॉ के पास चलें ताकि ये जल्दी ठीक हो वरना ऐसे ही चलता रहा न तो मैं तुमसे सच कह रही हूँ ..ये मुझसे… छूट जाएगा,महिमा की आँखे भर आयी, अगर ये video पापा ने देख लिया तो ..इससे बात भी नहीं करने देंगे।

तुम परेशान न हो मैं इसे समझाऊंगी अगर नहीं समझा तो uncle तो 10 दिन में आने ही वाले है छुट्टी लेकर तो फिर वही ले जाएंगे इसे क्लीनिक।

अच्छा तो मैं चलती हूँ तुम इसे जरूर समझाना तुम्हारी बातें मान भी जल्दी लेता है।

ओके मैं करुँगी ऐसा ही अब तुम आराम से जाओ और प्लीज अपने पापा को इसके बारे में कुछ न बताना। 

महिमा को कार तक छोड़कर गौरी सीधा प्रणय के कमरे में गई जहां पर वो अपना बैग पैक कर रहा था ।

ये क्या पागलपन है, कहाँ जा रहें हो? उससे ज़रा सी बहस पर इतना गुस्सा… 

मैं गुस्सा नहीं हूँ यार थोड़ा काम है मुझे तो वहीं जा रहा हूँ पापा से पूछ लिया है।

ठीक है जाओ जहाँ मन करें वहाँ जाओ लेकिन उससे पहले तुम मेरे साथ कल क्लीनिक पर चलोगे।

यार मैं नहीं जा सकता न।

क्यूँ यार एक बार डॉ से मिलने में क्या हर्ज है सिर्फ एक बार मेरे लिए , मैं मानती हूँ की तुम ठीक हो लेकिन मेरा दिल नहीं मानता, बस एक बार ही मिल लो चलके। गौरी अपने दोनों हाथ प्रणय के कंधे पर जमाती हुई कहती है।

मैं डॉ से मिलने से मना नहीं कर रहा मेरी गौरा..लेकिन मैं कल मिलने से मना कर रहा हूँ।प्रणय ने बेहद प्यार से उसके दोंनो गाल अपनी हथेलियों में भर लिए।

क्यों?

क्योंकि मुझे जल्द से जल्द गोवा निकलना होगा ।

ओह अब समझी तुम उस लड़की के लिए गोवा जा रहे हो न , ताकि उसके मंगेतर….

हाँ।

तुम ऐसी बेवकूफी क्यों कर रहे हो प्रणय । गौरी ने उसके दोनों हाथ झटक दिए।

सुकून के लिए।

मतलब।  

मतलब ये कि वो मेरी कल्पना होगी तो मुझे राहत मिलेगी और नहीं होगी तो उसे ।

मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा की तुम क्या कर रहे हो ?

मुझे भी नहीं आ रहा समझ, लेकिन इतना पता है कि इतिहास से अलग हटकर कुछ करने जा रहा हूँ या फिर कोई इतिहास बनाकर वापस आऊँगा या खुद इतिहास बन जाऊंगा।

ऐसा मत बोल यार, डर लगता हैं। गौरी प्रणय के गले से लिपट गई। मैं नहीं जानती कि वो तेरी हकीकत है या कल्पना लेकिन दुआ करती हूँ कि हकीकत न हो ,हर बार की तरह सिर्फ तेरा भ्रम ही निकले और तू गोवा घूम के वापस आ जा।

यार ऐसा न बोल, मुझे वो हकीकत लगती है दुआ कर हकीकत ही हो ताकि मेरे दिल को सुकून मिल सके थोड़ा सा।और हाँ माही को समझा देना ।

मुझे लगता है तुम्हें जाने से पहले एक बार उससे मिल लेना चाहिए।

गुस्सा करेगी वो।

मैं बताउंगी तो ज्यादा गुस्सा करेगी।

जाने भी नहीं देगी।

मैं नहीं रोक पायी तो वो कैसे रोक पाएगी।

अच्छा ठीक है बात करूँगा उससे।

ऑन्टी से पूछ लिया है।

उन्हें मैंने बताया है कि गोवा घूमने जा रहा हूँ तो वो खुश है कि इतिहास को छोड़कर कभी तो मैंने वर्तमान पर भी ध्यान दिया।

उस लड़की ने तुम्हें कुछ हुलिया बताया है अपने मंगेतर का ।

एड्रेस दिया है उसके घर का।

और अगर वो नहीं मिला वहाँ तो?

तो मैं मान लूँगा कि हर बार की तरह ये मेरा भ्रम थी और वापस आ जाऊंगा।

तो आज का भाग यही तक दोस्तों, अब आगे क्या होता है? माही उसे जाने देती है या नहीं? अगर वो गोवा पहुँचता है तो क्या उसे एडी मिलता है? या फिर ये सिर्फ उसकी कल्पना ही होती है? ये सब पता चलेगा आपको अगले भाग में

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